Google AdSense kya hai?

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  • Post last modified:October 26, 2021

दोस्तों आप जब भी Internet पर जाते हो, चाहे वह YouTube हो, चाहे आपकी Mobile Application हो या चाहे कोई Website हो। वहां पर आपको दिखाई देते हैं कुछ विज्ञापन और ये विज्ञापन आते हैं Google AdSense के माध्यम से। आज हम बात करने वाले है Google AdSense के बारे में की कैसे Google AdSense से लोग पैसा कमा रहे हैं और क्या यह पैसों का पेड़ है? अगर आपके पास में गूगल ऐडसेंस अकाउंट है, तो क्या रातों रात करोड़पति बन सकते हैं? 

आज हम हम जाने वाले हैं Google AdSense क्या है? इसको आप कैसे ले सकते हैं? कैसे आप इससे पैसा कमा सकते हैं? कितना कमा सकते हैं? कैसे अप्रूवल ले सकते हैं? इसके क्या नियम हैं? अगर आपको AdSense कैसे लगाना है? वेबसाइट पर आपको AdSense कैसे लगाना है? और अगर आप एक मोबाइल एप्लीकेशन बना रहे हैं तो वहां पर आपको AdSense लगाना है। सबसे बड़ी चीज Google AdSense के पास इतना पैसा आता कहा से है जो वो लोगो में इतना पैसा बात रहा है। 

Google AdSense kya hai?

Google AdSense क्या है? Google AdSense गूगल की एक सर्विस है, जो कि Content Creators या Publishers के Blog, YouTube और Mobile Application पर Advertisements को दिखती है। Contents पर दिखाए जाने वाले सभी ads को Google AdSense काफी सारे factors को चेक कर के दिखता है। जैसे, based on Website Content, User’s Location, Search history, Interest. AdSense Publishers को उनके कंटेंट पर ads दिखाने के बदले में पैसे भी देता है, जो की Per Click या Per Impression को काउंट कर के दिए जाते है।

इन ads से गूगल जो भी पैसा कमाता है उसका कुछ हिस्सा content creators में बाट देता है। अगर बात की जाए इसके release की तो Google AdSense को 2003 में launch किया गया था और आज यह इतना popular हो चूका है की करोड़ो लोग इसकी मदद से काफी अच्छा पैसा कमाते है।

जब भी कोई व्यक्ति उस वेबसाइट को, यूट्यूब चैनल को, मोबाइल एप्लीकेशन को या गूगल सर्च को ओपन करता है तो वहां पर उसे विज्ञापन दिखाई देते हैं। जब आप विज्ञापन पर click करते हैं या कोई भी व्यक्ति विज्ञापन करता है तो एक निश्चित धनराशि गूगल को मिलती है। कैसे होता है यह सब? आखिर ऐडसेंस के पास इतना पैसा कहां से आता है या गूगल के पास इतना पैसा कहां से आता है? सबसे पहले हम इसे की कैसे ये ecosystem काम करता है?

मान लीजिए आपकी कोई मोबाइल कंपनी है और वह मोबाइल कंपनी का विज्ञापन करना चाहते हैं तो आप कहां जाएंगे? आप या तो टीवी में जाएंगे, या न्यूज पेपर में जाएंगे या किसी मैगजीन में जाएंगे या फिर आप उसका ऑनलाइन एडवर्टाइजमेंट करेंगे। तो आपसे ऐसे सिस्टम के पास जाएंगे जहां पर लाखों आपको दर्शक मिले आपका जो फोन का जो एडवर्टाइजमेंट है वह लाखों लोगों के बीच में जाए और अगर एक बार मैं अपने ad दे दिया तो कम से कम आप के 10 से 20 हजार फोन सेट तो बिक ही जाए।

तो यहां पर अगर मैं 1 सेकंड की बात करूं तो गूगल पर एक सेकंड में लगभग 75,000 से ज्यादा searches होती है, तो आप अंदाजा लगाइए कि 1 मिनट में कितने लोग गूगल पर सर्च करते होंगे और 1 घंटे में कितने और एक दिन में कितने?

अब बात करते हैं यूट्यूब की, तो यूट्यूब पर भी एक सेकंड में लगभग 80000 वीडियोस को views आते हैं। तो यहां पर Advertiser को लगता है कि अगर मैं गूगल के साथ में या यूट्यूब के साथ अपना विज्ञापन करूंगा तो मुझे ढेर सारा फायदा होने वाला है। तो इसके लिए गूगल ने एक सर्विस बनाई जिसका नाम उन्होंने Google Ads (Google AdWords) रखा। विज्ञापनदाता या Advertiser जो होते है वह गूगल को Ad देते हैं Google Ads के थ्रू।

यहां पर जब भी कोई विज्ञापन दिया जाता है तो उसकी click का जो रेट है वह तय किया जाता है advertiser द्वारा। यहां पर advertiser तय करता है कि अगर मेरा विज्ञापन कहीं पर भी डिस्प्ले होगा और उस पर कोई भी व्यक्ति click करेगा तो यह मेरी मर्जी होगी की मै उसे per click का कितना पैसा देता हूं। यह विज्ञापन देते समय ही तय हो जाता है की एक click के ₹1 दूंगा / ₹2 दूंगा या ₹5 दूंगा। 

यहां पर विज्ञापनदाता गूगल को Ads के through ad दे दी है, अब गूगल उन ads को कहा पर दिखाएगा? तो गूगल ads को दिखाएगा यूट्यूब पर या फिर किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर या फिर अपनी मोबाइल एप्लीकेशन पर  जो आप प्ले स्टोर से डाउनलोड करते हैं। यहां पर आपको एक चीज और समझनी होगी गूगल क्या करता है गूगल के पास अपना खुद का कोई कांटेक्ट नहीं है। यूट्यूब पर भी जितने वीडियो अपलोड होते हैं वह भी आपके द्वारा किए जाते हैं। वेबसाइट या ब्लॉग जो बनाए जाते हैं वह भी आपके द्वारा बनाए जाते हैं और जो एप्प है वह भी आपके द्वारा बनाई जाती है।

बहुत सारे ऐसे डेवलपर होंगे, क्रिएटर्स होंगे, ब्लोग्गेर्स होंगे जिनके द्वारा ही जो कॉन्टेंट है यह तैयार किया जाता है और गूगल इसी कॉन्टेंट का फायदा उठाता है विज्ञापन करने के लिए। क्योंकि आप ही लोग आप जैसे ढेर सारे लोग गूगल के लिए काम करते हैं, यूट्यूब के लिए काम करते हैं और सब लोग यह जानते भी नहीं है की हम असल में गूगल के पाटनर है।

आप गूगल के साथ में काम करते हैं और आप लोगों की जो ऑडियंस है उसके माध्यम से ही गूगल और आप दोनों पैसा कमाते हैं। यहां पर जो गूगल है वह Google Ads के थ्रू advertiser से ads ले लेता है और उसे ads को Google Ads के माध्यम से जो उसके प्लेटफार्म पर डिस्प्ले करता है। उस प्लेटफार्म पर आपकी भी हिस्सेदारी है क्योंकि यूट्यूब चैनल बनाया है आपने, ब्लॉग बनाया है आपने और गूगल में एंड्राइड एप्लीकेशन बनाई है आपने न की गूगल ने। 

गूगल आपको सिर्फ एक प्लेटफार्म दिया है फ्री में ताकि आप ज्यादा से ज्यादा कांटेक्ट तैयार कर सके आप को प्रोत्साहित करने के लिए सारी चीजें आपके लिए फ्री है। आप यूट्यूब चैनल भी फ्री में बना सकते हैं, आप ब्लॉग भी फ्री में बना सकते हैं और एंड्राइड एप्लीकेशन बनाने के लिए ढेर सारे प्लेटफार्म है वहां पर जाकर आप फ्री एंड्राइड एप्लीकेशन बनाकर भी गूगल प्ले स्टोर अपनी एप्लीकेशन को चला सकते हैं।

Google पैसा कैसे कमाता है?

तो सबसे पहले एडवरटाइजर ने गूगल को ads दिए, आपने ऐडसेंस के माध्यम से वह ad अपनी वेबसाइट पर डिस्प्ले किए। आपकी वेबसाइट पर आने वाले विजिटर ने वो ad देखा, उस पर click किया। अब जो click किया वहीं से कहानी शुरू होती है। वहां से जो click है उसका पैसा जाता है गूगल को और गूगल कुछ पैसा अपने पास रखता है कुछ पैसा आपको दे देता है।

इससे सभी का फायदा होता है advertiser अपना ad देता है उसको वहां पर उस विज्ञापन का फायदा हो। आप जो की कंटेंट तैयार करते हो तो आपको भी पैसा मिल गया और गूगल क्योंकि आपको यह सर्विस फ्री में दे रहा है तो भी पैसा मिल गया। जो विजिटर है उसको इंफॉर्मेशन फ्री में मिल गई। सभी के लिए जो यह जो इकोसिस्टम है वह बहुत अच्छे से काम करता है। इसीलिए यह जो गूगल की सर्विस है वह इतनी ज्यादा पॉपुलर है। 

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Google AdSense अकाउंट से आप रातों-रात करोड़पति बन सकते है?

अब बात कर लेते हैं क्या आपके पास अगर एक गूगल ऐडसेंस अकाउंट है तो क्या आप रातों रात करोड़पति बन सकते हैं? बिल्कुल नहीं, यहां पर आपको बहुत मेहनत करनी होती है। तो अगर आपने यह गलतफहमी अपने दिमाग में रखी है कि अगर मेरे पास एक गूगल ऐडसेंस अकाउंट होगा तो मेरे पास बहुत सारा पैसा आ जाएगा, तो इसे अभी निकाल दीजिएगा क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं होता है।

बहुत लोग बहुत सारी मेहनत करते हैं, अपने ब्लॉग पर, यूट्यूब चैनल पर या एप्लीकेशन पर उसको रन कराने के लिए। जब जितना ज्यादा ट्रैफिक यानी जितने ज्यादा लोग आपके ब्लॉग को पढ़ने आएँगे, जितने ज्यादा लोग आपके youtube चैनल देखने के लिए आएंगे उतना ही पैसा कमा पाएंगे। यहां पर ऐसा कोई जादू नहीं है एक रात में कुछ भी नहीं होता है। बहुत लंबी प्रोसेस होती है, बहुत सारा काम करना पड़ता है, बहुत सारी मेहनत करनी पड़ती है, बहुत दिमाग लगाना पड़ता है, तब आप गूगल ऐडसेंस पैसा कमाते हैं। 

क्या हमें ज्यादा AdSense Account बनाने चाहिए?

यहां पर एक चीज बहुत लोग करते हैं कि उन्होंने एक अकाउंट अप्रूव करा लिया, उसके बाद उनकी जो दूसरी साइट है उसके लिए दूसरा अकाउंट को अप्रूव कराते हैं। तो यह भी आपको नहीं करना है, जब आपने एक अकाउंट गूगल ऐडसेंस का अप्प्रूव करा लिया तो उसी अकाउंट को आप अपने ब्लॉग, यूट्यूब और एप्लीकेशन पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

यहां तक कि गूगल आपको छूट देता है कि आप 100 से ज्यादा वेबसाइट पर भी एक ही अकाउंट से advertisement डिस्प्ले कर सकते हैं। तो यह चीजें आप समझ गए होंगे कि यह किस तरह से सारी चीजें होती हैं। 

Google AdSense काम कैसे करता है?

सबसे पहले तो गूगल की तरफ से यह कहा जाता है कि आपको अपने एड्स खुद से नहीं देखनी है। तो इसका भी उदाहरण समझ लेते हैं, कोई भी विज्ञापनदाता अपने प्रॉफिट के लिए तो गूगल के साथ में विज्ञापन कर रहा है और वह आपके वेबसाइट पर विज्ञापन डिस्प्ले कर रहा है। अब आप उसी विज्ञापन खुद से देखते रहेंगे तो advertiser को क्या फायदा मिलेगा? तो यहां पर जो एडवर्टाइजमेंट है गूगल भी यही चाहता है और advertiser भी यही चाहता है की सभी ads केवल उन लोगों के पास पहुंचे जिनको इसकी जरूरत है। 

जैसे आपको samsung का फोन खरीदना है तो आपको सैमसंग का विज्ञापन इसलिए दिखाई देगा क्योंकि आप सैमसंग के बारे में सर्च कर रहे हैं। किसी को गाड़ी खरीदनी है तो उसको गाड़ी का विज्ञापन दिखाई देगा। यह काम इस तरह से करता है गूगल के ads आपके ब्राउज़र की कुकी को read करते हैं। जब भी हम कुछ सर्च करते हैं ना तो ब्राउज़र में आपका जो डाटा है वह store हो जाता है। अब आपने देखा होगा कि आपने flipkart पर कोई चीज़ ढूंढी, amazon पर कोई चीज़ ढूंढी और जब भी आप कोई वेबसाइट खोलते हैं तो आपको उसी से रिलेटेड विज्ञापन वहां पर दीखते हैं। 

यही कारण है कि जब आप कुछ सर्च करते हैं तो कुकी के रूप में कुछ डाटा आपके ब्राउज़र में save कर लिया जाता है। Google Chrome हो, चाहे वो Bing हो, चाहे कोई भी Browser हो। जब भी आप किसी वेबसाइट को ओपन करते हैं तो वहां पर वेबसाइट सबसे पहले आपकी कुकी को read करती है। इसके बाद में वही विज्ञापन display करती है जो आपके इंटरेस्ट का हो। तो इस तरह से जो google ads की जो यूनिट है वह काम करती है। तो अब जान लेते हैं गूगल ऐडसेंस के लिए अगर आप रिप्लाई करते हैं तो आपके पास क्या-क्या होना चाहिए?

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