Google Algorithm Updates 2021 in Hindi

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  • Post last modified:September 29, 2021

कई बार ऐसा होता है कि आप किसी ब्लॉग पर, किसी वीडियो में या किसी वेबसाइट पर जब SEO से रिलेटेड इंफॉर्मेशन पढ़ते हैं तो आप थोड़ी देर सोच में पड़ जाते हैं की क्या यह सही है या गलत है। कई बार आपकी Gut Feeling यह कहती है कि इंफॉर्मेशन ठीक नहीं है, लेकिन आप असल वजह नहीं बता पाते हैं। एक परफेक्ट शब्द में आज के इस इनफार्मेशन की कोई जगह नहीं है। यह टॉपिक एकदम बेकार है, क्योंकि आप SEO हैं और आपका काम इतिहास को याद रखना नहीं है।

लेकिन यह दुनिया परफेक्ट नहीं है। दुनिया है पीतल दी और यूट्यूब में काफी सारी सोने दी बेबी डॉल है। जो तमाम उलझी हुई बातें फैलाती रहती है। कई सारे प्रोफेशनल कोर्सेस के नाम पर दुकाने खोलकर बैठे हैं। जो Almost इसी तरह की गलत इंफॉर्मेशन को प्रोवाइड करते हैं।

तो आज हम जिन Algorithms अपडेट के बारे में बात करेंगे वो काफी सारी झूठी ट्रिक्स, टिप्स और मेथड्स के ऊपर से पर्दा हटाने का काम करेगी और आपको लॉजिक के साथ बताएगी की सही तरीका क्या है।

आज हम बात कर रहे है Top 5 Google Algorithms के बारे में। 

Google Top 5 Algorithms Update 2021 In Hindi

Google Panda Update क्या है? Google Panda Update In Hindi

Panda Algorithm Update गूगल की बहुत ही खास और Core Algorithm Update में से एक है. Google Panda Algorithm को थिन कंटेंट वाली वेबसाइट से निपटने के लिए 2011 में लॉन्च किया गया था। उस वक़्त एक ट्रेंड था, कंटेंट फार्म्स को इस्तेमाल करने का।

आर्टिकल स्पिनर टूल्स, वेबसाइट और सॉफ्टवेयर्स उन्हीं वेबसाइट पर बेचे जाते थे जैसे jeveju और Warrior Forum. आजकल यूट्यूब पर करोड़पति एफिलिएट इनका नाम ऐसे लेते हैं जैसे एलोन मस्क को मार्स के बारे में पता चल गया हो। कंटेंट फार्म्स और आर्टिकल स्पिनर किसी एक कंटेंट पीस को लेकर उसके वर्ड्स को synonyms के साथ रिप्लेस करके गार्बेज कंटेंट बना देते थे।

जिसमें Keywords को बेकार में ठूंसा जाता था। यह low quality कंटेंट यूजर के पढ़ने के लिए नहीं होता था। बल्कि सर्च रिजल्ट्स को Manipulate करने के लिए बनाया जाता था। Google Panda Update ने ऐसी वेबसाइट की रैंक को कम कर दिया जो स्पैमी, कॉपी, लो क्वालिटी और स्पिन किया हुआ कंटेंट इस्तेमाल कर रही थी। 

वही वेबसाइट इन पनिशमेंट से बाहर निकल पाई जिन्होंने लो क्वालिटी कंटेंट को हटाकर अच्छा कंटेंट को पोस्ट किया। लेकिन Panda Update कोई वन टाइम एक्शन नहीं था। बल्कि बाद में इसे Main गूगल Algorithm का हिस्सा बना दिया गया।

अगर आज भी आपकी वेबसाइट कॉपी किया हुआ लो क्वालिटी और स्पैमी कंटेंट पोस्ट करती है। तो आपकी वेबसाइट को Panda Algorithm Update का पनिशमेंट झेलना पड़ सकता है। अगर आप कोई ऐसी वेबसाइट बनाते है जिसमे वही कंटेंट ठूंसा जा रहा है जो बाकी 10 से 12 हजार वेबसाइट में पहले से ही पड़ा हुआ है। वहीं अगर आपकी पोस्ट रैंक नहीं करती है तो समझ जाइए कि आपकी वेबसाइट को Panda ने पकड़ कर बैठा लिया है।

लोगों की जो Case Studies होती है उनके झांसे में मत आइए। जिन्हें छुट्टी का एप्लीकेशन नहीं लिखना आता है वह भी आजकल Case Studies पोस्ट करते घूमते हैं यूट्यूब पर। 

Google Penguin Update क्या है?

Google Penguin Algorithm Update लॉन्च की गई थी 2012 में। Penguin Update से गूगल ने खराब, स्पैमी, ईरेलेवेंट और ऑप्टिमाइज एंकर टेक्स्ट वाली बैकलिंक को इस्तेमाल कर रही वेबसाइट की रैंक को कम कर दिया था। Panda Update के जरिए गूगल ने स्पैमी कंटेंट को हैंडल किया था।

लेकिन सर्च रिजल्ट manipulate करने के दो पार्ट होते हैं, स्पैमी कंटेंट और स्पैमी बैकलिंक। Penguin Update ने स्पैमी बैकलिंक को ठिकाने लगाया और Panda Update ने स्पैमी कंटेंट को। Penguin Update का मक्सद सिर्फ किसी खास टाइप की बैकलिंक को पहचानना और उनका इस्तेमाल कर रही वेबसाइट को पनिश करना नहीं था।

बल्कि बैकलिंक की क्वालिटी को बढ़ाना और उनके असर को कम करना भी था। Penguin Update से पहले बैकलिंक का किसी वेबसाइट की रैंक में काफी बड़ा हाथ हुवा करता था। लोग पीबीएन बनाते थे, लिंक पिरामिड सर्विसेज बेची जाती थी। जो लोग खुद से ये सब नहीं कर पाते थे वो दुसरो से खरीदते थे।

Penguin Update के बाद इन लिंक्स को इस्तेमाल कर रही वेबसाइट की रैंक को कम कर दिया गया। Penguin update के करीब 4 update लॉन्च किए गए और 2016 में यह Algorithm Google Core update का हिस्सा बन गई।

आज की डेट में गूगल बैकलिंक के नंबर से उतना इंप्रेस नहीं होता है जितना उसकी क्वालिटी से इंप्रेस होता है। लिंक देने वाली वेबसाइट का प्रोफाइल कैसी है, लिंक की पोजीशन क्या है, दोनों वेबसाइट relevance है या नहीं है, एंकर टेक्स्ट कितना relevance है। यह सब बैकलिंक की क्वालिटी पर असर डालता है।

Penguin update 2012 में लांच की गई थी और 2016 में Core algorithm का हिस्सा बन गई। फिर भी 2021 में लोग राउटर की वेबसाइट पर ब्लॉग क्यों बना रहे हैं। इसके दो ही रीजन हो सकते हैं या तो बंदे का कैलेंडर अभी भी 2012 पर सेट है या किसी भी Penguin जैसे जीव या algorithm के बारे में उसे जीरो इंफॉर्मेशन है।

Google Page Layout Update क्या है?

2012 में Page Layout Algorithm को लॉन्च किया गया था। इसके जरिए गूगल ने ऐसी वेबसाइट के रैंक को कम कर दिया जिनके above the fold पार्ट में बहुत ज्यादा ads थे या यूजफुल कंटेंट नहीं था। जब भी कोई वेबसाइट किसी डिवाइस पर लोड होती है तो जो पार्ट स्क्रीन पर सबसे पहले दिखाई देता है उसे कहते हैं above the fold कंटेंट।

एक पेज काफी लंबा हो सकता है, लेकिन वह एक साथ स्क्रीन पर नहीं दिखाई देता है। टॉप पार्ट सबसे पहले दिखाई देता है और यही वह होता है जिसे above the fold कहा जाता है।

ये fold इमेजिनरी होता है हर डिवाइस की स्क्रीन का जो साइज है वो अलग-अलग होता है। ऐसे में आप यह नहीं बता सकते हैं कि किस लाइन से वेबसाइट का पार्ट fold में जाएगा। एक जनरल आईडिया जरूर आपको लग जाता है अगर आप अपनी वेबसाइट को अलग-अलग डिवाइस पर चेक करते है तो।

आपको एक above the fold पार्ट के बारे में जनरल आईडिया लग जाता है। Above the fold पार्ट में यूजफुल कंटेंट रखिए। ऐसा कंटेंट रखिए जो उस पेज के Purpose को फुलफिल करता हो और जिसमे कम ads हो। 

Google Hummingbird Update क्या है?

चौथी Update है Hummingbird, जिसे 2013 में लॉन्च कीया गया था। यह Update कंटेंट के Keywords में Stuffing रोकने और कंटेंट की क्वालिटी को इंप्रूव करने के लिए लॉन्च की गई थी। Hummingbird गूगल इंजन में हुआ एक बड़ा चेंज था जिसने सर्च रिजल्ट्स की क्वालिटी और स्पीड दोनों को इंप्रूव किया।

Hummingbird Update के जरिए गूगल ने किसी पेज में किसी खास Keyword के होने या कितनी बार होने के Effect को कम कर दिया। ऐसे में Pages ऐसे किसी खास Keyword के लिए रैंक होने लगे जो हो सकता है उस पेज में ना इस्तेमाल हुए हो लेकिन रिजल्ट यूज़फुल है।

एक जो Term है Over SEO optimize Page उसके Effect को कम किया गया। Keyword Density नाम की जो अफवाह पहले काफी चलती थी असल में अभी भी काफी सारे लोग Keyword Density पर काफी भरोसा करते हैं। तो उसको Hummingbird ने Update नहीं बिल्कुल हटा दिया।

Hummingbird Update के बाद यूजर के Intent Important होने लगे। अगर किसी एक पेज में कोई Keyword बार-बार रिपीट नहीं किया जा रहा है। तो भी वह पेज उस Keyword के लिए रैंक कर सकता है, अगर कंटेंट यूजफुल है।

अगर आप भी अपनी वेबसाइट के कंटेंट को प्लान करते वक्त Keywords की Frequency पर ज्यादा फोकस करते हैं और कीवर्ड रिसर्च को पुराने तरीके से करते हैं। जिसमें Intent पर फोकस नहीं किया जा रहा है। तो आपकी साइट Hummingbird Update का नुकसान झेल सकती है। 

इसलिए सिर्फ keyword को महत्व मत दीजिए यूजर क्या चाहता है अगर वो आपकी साइट पर आता है तो उसकी जो जरूरत है उसका जो सवाल है उसे उसका जवाब मिले। सिर्फ keyword को पोस्ट मे ठूसने से कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि hummingbird update के बाद keyword को नहीं बल्कि यूजफुल कंटेंट को गूगल महत्व देने लगा है।

Google RankBrain Update क्या है?

RankBrain 2015 में लॉन्च हुई गूगल Algorithm Update थी। RankBrain गूगल को उन Queries को समझने में हेल्प करती है जो पहले नहीं की गई थी, मतलब नई Queries। यह एक Machine Learning Algorithm है। जो पहले से मौजूद डाटा के बेस पर सिस्टम को यह समझने में हेल्प करती है कि जो एक खास यूनिक सर्च Queries है, जो पहले कभी भी सर्च नहीं की गई है उसका मतलब क्या है और असल में उसका Intent क्या है।

यह समझने में RankBrain Algorithm गूगल की मदद करती है। RankBrain गूगल के सबसे Important Ranking Signals (Factors) में से एक है। RankBrain के वर्किंग पैटर्न को गूगल ने कभी पब्लिकली नहीं बताया है। लेकिन गूगल पर की जा रही करीब 15% Queries बिल्कुल नई होती है। उन्हें समझने में RankBrain Algorithm गूगल सर्च इंजन की हेल्प करता है।

दोस्तों ये था गूगल के सबसे Top और सबसे Important Algorithms का Overview, उम्मीद करते है आपको इससे काफी मदद मिलेगी और आप सही ढंग से अपने ब्लॉग पोस्ट को लिखेंगे बिना किसी फेक कोर्स को ख़रीदे।

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