Keyword Density क्या है और क्या यह Blogging में जरूरी है?

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  • Post last modified:May 20, 2021

Keyword Density का सच क्या है?

कोचिंग में क्लासेस में वीडियो में आपको बताया जाता है Keyword Density के बारे में। Keyword Density सही भी है? इतना ही नहीं गूगल के “Matt Cutts” और “Rand Fishkin” कुछ ऐसा कह रहे है। Matt Cutts ने Keyword Density के बारे में कहा था की ‘That’s not just the way to work और Rand Fishkin का कहना था की truth is simply that modern search engines have never ever use Keyword Density.

कितने लोग इस स्ट्रक्चर को पहचान सकते हैं? आप सभी जानते होंगे कि यह एटम का डायग्राम है जिसमे प्रोटॉन,न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रान है।

लेकिन असल में एटम का स्ट्रक्चर ये होता है। यहाँ पर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन है और इस एरिया में कहीं भी किसी भी जगह पर इलेक्ट्रॉन हो सकता है। इलेक्ट्रॉन कोई छोटी सी बॉल नहीं है जिसकी एक पोजीशन होती है। एक इलेक्ट्रॉन का अपना एक एक्सिस्टेंस एरिया होता है जिसमें वह कहीं पर भी कभी भी हो सकता है। कई बार एक ही टाइम में दो या दो से ज्यादा जगह पर भी हो सकता है। एक ही इलेक्ट्रॉन एक ही टाइम पर दो जगह पर रह सकता है तीन जगहों पर रह सकता है। क्योकि इलेक्ट्रान quantum psysics के रूल्स को फॉलो करते है।

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ये फैक्ट science fiction जैसा लगता है लेकिन आपके फोन, टेबलेट यहां तक की पेन ड्राइव में जो फ़्लैश स्टोरेज है वो इसी प्रिंसिपल पर काम कर रही है। एटम का ये मॉडल जिसे आप जानते हैं वह गलत है। यह असली Concept के करीब पहुंचता है लेकिन उसे गलत तरीके से प्रेजेंट करता है। पूरी स्टोरी में अगर आप एटम को Keyword Density से रिप्लेस कर दें तो आपको आज का टॉपिक समझ में आ जाएगा। Keyword Density जैसी कोई भी चीज नहीं होती है। Keyword Density का परसेंटेज एक फेक Concept है जिसे 2005 तक बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता था।

अभी भी पुरानी PDF या वॉरियर्स फोरम से जुड़े हुए नोट्स पढ़कर SEO सिखाने वाले मासूम इसे इस्तेमाल करते हैं। लेकिन Keyword Density जैसा कुछ नहीं होता है। इसकी जगह होती है Keyword Frequency जो गूगल के लिए नहीं बल्कि IR के लिए जरूरी होती है। IR का मतलब होता है ‘information retrieval’ 

Keyword Density की अफवाह के दो हिस्से है

  • Keyword Density क्या है? 
  • क्या Keyword Density का कोई असर होता है?

Keyword Density क्या है?

पहला सवाल है कि Keyword Density क्या है? ज्यादातर लोग इसका जवाब परसेंट में देते है। अगर 100 वर्ड्स के आर्टिकल में दो बार कोई keyword आया तो density हो गई 2%. अगर 500 वर्ड्स के आर्टिकल के अंदर 10 बार keyword आता है तब भी density 2% ही होगी। ये लॉजिक YOAST Plugin भी इस्तेमाल कर रहा है RANK MATH Plugin भी इस्तेमाल कर रहा है।

क्या Keyword Density का कोई असर होता है?

एक मिनिट के लिए सोचिये क्या percentage और density एक ही चीज है? Density का मतलब होता है Mass and Volume, 100 में कोई चीज कितने टाइम आ रही है उसे percentage कहते है। 10th के स्टूडेंट को भी पता है कि percentage अलग होता है और density अलग होती है। फिर भी YOAST और RANK MATH क्यों इस गलत Concept को क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं? क्यों की वो Tools है, उन Tools को बनाने वाली कंपनी बिजनेस चला रही है। उन्हें आपको SEO नहीं सीखना है।

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आप सही काम करें या गलत काम करें उन्हें क्या फर्क पड़ता है। आप अपनी वेबसाइट में अगर नींबू मिर्ची लटकाना शुरू कर देंगे तो वो Plugin Dashboard में नींबू मिर्च Counter भी लगा देंगे। आपको देखना होगा कि उन Tools में जो भी नंबर दिए जा रहे है उनको आप किस तरह से इस्तेमाल करते हैं, कितनो को इस्तेमाल करते है।

TF-IDF(Term Frequency – Inverse Document Frequency) क्या है? | Keyword Density कि अफवाह कहा से शुरू हुई?

अब सवाल आता है की ये Keyword Frequency की अफवाह शुरू कहां से हुई? एक Term होता है TF-IDF(Term Frequency – Inverse Document Frequency). TF-IDF एक Text Analysis System है जिसे इस्तेमाल कर कंप्यूटर ये पता लगाने की कोशिश करते है की कोई एक Word या Term किसी Document में कितना जरूरी है। इस TF-IDF के first part ‘Term Frequency’ को लोगों ने Keyword Frequency के साथ confuse करना शुरू कर दिया। ऐसे ही Keyword Frequency धीरे धीरे keyword percentage हो गया। ऐसे ही keyword percentage आगे चल कर Keyword Density बन गया। 

TF-IDF एक रियल Concept है जो सर्च इंजन के लिए important होता था। क्योंकि वो किसी भी डॉक्यूमेंट में किसी phrase के importance को बता सकता है। जो Keyword Density नाम की अफवाह थी वो इस रियल Concept TF-IDF से निकल कर आयी। 

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TF-IDF information retrieval system में फायदेमंद होता है, सर्च इंजन इसे इस्तेमाल भी करते थे। गूगल भी इसे शुरुवात में काफी इस्तेमाल करता था। लेकिन गूगल ने keyword से आगे समझना शुरू किया, Panda Update ने keyword से आगे बढ़ कर कंटेंट को रैंक करना शुरू कर दिया। BERT और SMITH जैसी Update गूगल को Document को सच में समझने में मदद करती है। इन सब के होते हुए Keyword Density के पीछे भागना कितना सही है ये आप खुद सोचिए। 

निष्कर्ष यह निकलता है की Keyword Density एक फेक Concept है जिसे आज भी बहुत से लोग importance देते है। सर्च इंजन आपके कंटेंट को पढ़ कर समझ सकते है। BERT इंग्लिश और हिंदी दोनों पर काम करता है। BERT से पहले भी Panda Update Keyword के रेप्युटेशन को ख़त्म कर चुकी थी। अच्छा Useful कंटेंट लिखिए, Keyword को रिपीट करने में अपना टाइम वेस्ट मत करिए।

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